Prayagraj, Jan 17 (ANI): Devotees gather at the ongoing Magh Mela at the Triveni Sangam, in Prayagraj on Saturday.(ANI Photo)
प्रयागराज (Prayagraj) में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार, इस शुभ दिन पर लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर उमड़ा जनसैलाब भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विश्वास की जीवंत मिसाल बन गया।
मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर संगम में स्नान करने से आत्मिक शुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस दिव्य अवसर का साक्षी बनने प्रयागराज पहुंचे। साधु-संतों, अखाड़ों और आम श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, चिकित्सा और सुरक्षा के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई थीं। हजारों पुलिसकर्मी, स्वयंसेवक और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम तैनात की गई थी। इसके साथ ही स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर सफाई अभियान चलाया गया। डिजिटल निगरानी और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी गई।
मौनी अमावस्या का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता, अनुशासन और प्रशासनिक क्षमता का भी परिचय दिया। 3 करोड़ श्रद्धालुओं की सहभागिता ने प्रयागराज को एक बार फिर विश्व पटल पर आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित कर दिया।