श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया है। जानिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के इस नायक की नई जिम्मेदारियाँ और राम मंदिर प्रबंधन में बदलाव।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन को अधिक पेशेवर व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट के इतिहास में यह पहली बार है जब व्यवस्थापकीय कार्यों को गति देने के लिए सीईओ का नया पद सृजित किया गया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से रामकाज तक का सफर
भारतीय वायुसेना में अपनी असाधारण सेवाओं के लिए पहचाने जाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर अत्यंत प्रभावशाली रहा है। उनके नेतृत्व में चलाए गए कई रणनीतिक अभियानों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सबसे प्रमुख माना जाता है, जहाँ उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का लोहा मनवाया था।
संसाधनों का सटीक आवंटन, रणनीतिक योजना और कड़े सैन्य अनुशासन में उनका लंबा अनुभव रहा है। यही कारण है कि राम मंदिर के विशाल परिसर का प्रशासनिक दायित्व सौंपने के लिए ट्रस्ट ने उनके नाम पर अपनी अंतिम मोहर लगाई।
प्रशासनिक नेतृत्व की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?
22 जनवरी 2024 को श्री रामलला के भव्य विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवाह में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रतिदिन लाखों की संख्या में पहुँच रहे दर्शनार्थियों की सुविधा, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों के दैनिक निरीक्षण के लिए एक उच्चस्तरीय कुशल प्रशासक की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
सीईओ के रूप में जितेंद्र मिश्रा के पास निम्नलिखित मुख्य जिम्मेदारियाँ रहेंगी:
- भक्त सुविधा एवं भीड़ नियंत्रण: करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन प्रणाली और मूलभूत सुविधाओं का सुचारू संचालन।
- वित्तीय नियंत्रण व पारदर्शिता: दान राशि, बजट आवंटन और ट्रस्ट के वित्तीय ऑडिट की पारदर्शी प्रणाली सुनिश्चित करना।
- सुरक्षा एवं समन्वय: संवेदनशील परिसर की सुरक्षा एजेंसियों और प्रांतीय प्रशासन के साथ तालमेल बिठाना।
- परिसर विस्तार परियोजनाएँ: मंदिर से जुड़ी आगामी अधोसंरचना (Infrastructure) और विकास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन।
कुशल प्रबंधन और अनुशासन का नया दौर
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को प्रशासनिक कमान सौंपने से राम मंदिर प्रबंधन में सैन्य स्तर की कार्यकुशलता और अनुशासन आने की पूरी संभावना है। इस फैसले से न केवल प्रशासनिक निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे, बल्कि देश-विदेश से आने वाले रामभक्तों को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

